अपनी लोन राशि, ब्याज दर, और अवधि डालें और मासिक EMI व कुल ब्याज का हिसाब तुरंत देखें।
पर्सनल लोन बिना किसी गारंटी (कोलैटरल) के दिया जाता है, इसलिए इसकी ब्याज दर होम लोन या कार लोन से ज़्यादा होती है — बैंक इस अतिरिक्त जोखिम की भरपाई ज़्यादा दर लेकर करता है। EMI उसी रिड्यूसिंग-बैलेंस तरीके से निकाली जाती है, लेकिन चूंकि पर्सनल लोन की अवधि आमतौर पर कम (1-5 साल) होती है, इसलिए लोन राशि की तुलना में EMI ज़्यादा होती है।
चूंकि इसमें कोई संपत्ति गिरवी नहीं रखी जाती, आपकी ब्याज दर मुख्य रूप से आपके CIBIL स्कोर और आय की स्थिरता पर निर्भर करती है — अच्छा CIBIL स्कोर (750+) होने पर आपको कम स्कोर वाले व्यक्ति की तुलना में कई प्रतिशत कम दर मिल सकती है।